ध्यान और आनंद-10 क्या आपका मन पतंजलि से सहमत हे, तो फिर साधन क्यों नहीं

ध्यान और आनंद-योग सूत्र योग साधन की यात्रा हे, परम स्वतंत्रता और आनंद की प्राप्ति। यह प्राप्ति हे उसकी जो हमारे अंतस मे विद्यमान हे। गुरुदेव के चरणों का 26 साल सानिध्य रहा और पता चला की योग सूत्र का श्रवण , मनन और ध्यान , व्यास, वाचस्पति भाष्य के अनुसार होना चाहिए। करते करते […]

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ध्यान और आनंद-9 पतंजलि से हम क्या सीखे

ध्यान और आनंद-योग सूत्र योग साधन की यात्रा हे, परम स्वतंत्रता और आनंद की प्राप्ति। यह प्राप्ति हे उसकी जो हमारे अंतस मे विद्यमान हे। गुरुदेव के चरणों का 26 साल सानिध्य रहा और पता चला की योग सूत्र का श्रवण , मनन और ध्यान , व्यास, वाचस्पति भाष्य के अनुसार होना चाहिए। करते करते […]

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ध्यान और आनंद-8 व्यक्तित्व और अस्तित्व का सब खेल हे

ध्यान और आनंद-योग सूत्र योग साधन की यात्रा हे, परम स्वतंत्रता और आनंद की प्राप्ति। यह प्राप्ति हे उसकी जो हमारे अंतस मे विद्यमान हे। गुरुदेव के चरणों का 26 साल सानिध्य रहा और पता चला की योग सूत्र का श्रवण , मनन और ध्यान , व्यास, वाचस्पति भाष्य के अनुसार होना चाहिए। करते करते […]

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ध्यान और आनंद-7 मन ही कारण हे , दुख और सुख का

ध्यान और आनंद-योग सूत्र योग साधन की यात्रा हे, परम स्वतंत्रता और आनंद की प्राप्ति। यह प्राप्ति हे उसकी जो हमारे अंतस मे विद्यमान हे। गुरुदेव के चरणों का 26 साल सानिध्य रहा और पता चला की योग सूत्र का श्रवण , मनन और ध्यान , व्यास, वाचस्पति भाष्य के अनुसार होना चाहिए। करते करते […]

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ध्यान और आनंद-6 पतंजलि ने मन के सभी आयामो को समझाया हे

ध्यान और आनंद-योग सूत्र योग साधन की यात्रा हे, परम स्वतंत्रता और आनंद की प्राप्ति। यह प्राप्ति हे उसकी जो हमारे अंतस मे विद्यमान हे। गुरुदेव के चरणों का 26 साल सानिध्य रहा और पता चला की योग सूत्र का श्रवण , मनन और ध्यान , व्यास, वाचस्पति भाष्य के अनुसार होना चाहिए। करते करते […]

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ध्यान और आनंद-4 योग की प्रसिद्ध और वास्तविक धारणा

ध्यान और आनंद-योग सूत्र योग साधन की यात्रा हे, परम स्वतंत्रता और आनंद की प्राप्ति। यह प्राप्ति हे उसकी जो हमारे अंतस मे विद्यमान हे। गुरुदेव के चरणों का 26 साल सानिध्य रहा और पता चला की योग सूत्र का श्रवण , मनन और ध्यान , व्यास, वाचस्पति भाष्य के अनुसार होना चाहिए। करते करते […]

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ध्यान और आनंद-3 दर्शन हे स्व का ध्यान में साक्षात हो जाना

ध्यान और आनंद-योग सूत्र योग साधन की यात्रा हे, परम स्वतंत्रता और आनंद की प्राप्ति। यह प्राप्ति हे उसकी जो हमारे अंतस मे विद्यमान हे। गुरुदेव के चरणों का 26 साल सानिध्य रहा और पता चला की योग सूत्र का श्रवण , मनन और ध्यान , व्यास, वाचस्पति भाष्य के अनुसार होना चाहिए। करते करते […]

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ध्यान और आनंद-2 हमे मन को उदारता के साथ पतंजलि की और मोड़ना होगा

ध्यान और आनंद-योग सूत्र योग साधन की यात्रा हे, परम स्वतंत्रता और आनंद की प्राप्ति। यह प्राप्ति हे उसकी जो हमारे अंतस मे विद्यमान हे। गुरुदेव के चरणों का 26 साल सानिध्य रहा और पता चला की योग सूत्र का श्रवण , मनन और ध्यान , व्यास, वाचस्पति भाष्य के अनुसार होना चाहिए। करते करते […]

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ध्यान और आनंद-1 – हम आनंद की खोज , अंतस में क्यों नहीं करते हे

ध्यान और आनंद- योग साधन की यात्रा हे, परम स्वतंत्रता और आनंद की प्राप्ति। यह प्राप्ति हे उसकी जो हमारे अंतस मे विद्यमान हे। गुरुदेव के चरणों का 26 साल सानिध्य रहा और पता चला की योग सूत्र का श्रवण , मनन और ध्यान , व्यास, वाचस्पति भाष्य के अनुसार होना चाहिए। करते करते मन […]

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